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एक गर्मी, एक फैसला – मेरा “टकला” बनने का अनुभव

By Vivan

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Hi Friends, I am Vivan Patil from mumbai. I currently live in Mumbai. I am headshave fetisher Now I am going to share my headshave experience. If anyone wants to chat with me, you can message me on Instagram username __hananmaunta

हेलो दोस्तों, मैं 21 साल का एक स्टूडेंट हूँ, जो अपनी मास्टर्स की पढ़ाई कर रहा है। घर पर पढ़ाई करना, वो भी मुंबई जैसे शहर में, जहाँ छोटा सा फ्लैट हो और जॉइंट फैमिली हो, गर्मियों में बहुत मुश्किल हो जाता है। ऊपर से BMC पेड़ों की टॉप वाली टहनियाँ काट देती है मॉनसून से पहले, तो जो थोड़ी बहुत छाया आती थी वो भी चली जाती है। धूप सीधी घर में आती है और हवा भी नहीं आती।

मैं घर में शॉर्ट्स और टैंक टॉप पहनकर बैठा रहता था। मेरे बाल काफी लंबे हो गए थे। पसीने से हमेशा गीले रहते थे। बाल माथे पर आ जाते थे। मूंछें इतनी बढ़ गई थीं कि होंठों पर आने लगी थीं। गोatee दाढ़ी भी बड़ी हो गई थी। अंडरआर्म के बाल भी बढ़ गए थे। मैं कमरे में बैठा खिड़की की तरफ देखता रहता था कि शायद हवा आ जाए, लेकिन हवा भी नहीं आती थी। बहुत गर्मी लगती थी और मैं सोच रहा था कि क्या करूँ जिससे थोड़ी राहत मिले।

मम्मी ने बोला कि जा बाल कटवा ले। मेरे दिमाग में आया कि क्यों ना पूरा टकला हो जाऊँ। लेकिन फिर डर लगा कि बाहर कैसे जाऊँगा, लोग क्या कहेंगे, सोसाइटी वाले देखेंगे तो क्या बोलेंगे। इसलिए मैंने तुरंत टकला होने का प्लान नहीं किया।

फिर मैंने बहुत सोचा और दिमाग में एक आइडिया आया — ऑनलाइन “स्पिन द व्हील” करता हूँ। उसमें दो ऑप्शन डाले — एक टकला, दूसरा बज़ कट। मैंने सोचा जो तीन में से दो बार आएगा वही करूँगा।

पहला स्पिन आया — बज़ कट।
दूसरा स्पिन आया — टकला

अब तीसरा स्पिन करना था क्योंकि बराबरी हो गई थी। मैं थोड़ा डर रहा था कि अब क्या आएगा। अगर टकला आया तो मुझे टकला होना पड़ेगा। मैंने स्पिन किया — टकला आ गया।

फिर भी मैं सोच में पड़ गया। क्या करूँ? कहीं जाना तो है नहीं, घर पर ही रहना है। पिछले 4–5 साल से टकला नहीं करवाया था। मन में बहुत सवाल थे। फिर मैंने मन में माँ की कसम खाई कि अब आखिरी बार स्पिन करूँगा और जो आएगा वही करूँगा। मैंने स्पिन किया — फिर से टकला आया।

फिर मैं मम्मी के पास गया और पूछा, “मैं टकला हो जाऊँ क्या?”
वो हँसने लगीं और बोलीं, “हाँ हो जा।”

मैंने पूछा, “सब लोग देखेंगे तो?”
उन्होंने कहा, “कैप पहन लेना।”

मैं अपने अंदर हिम्मत जुटाने लगा। सोचा चलो टकला हो ही जाता हूँ। पैसे वॉलेट में डाले। मम्मी ने कहा, “देख, तेरे ऊपर है, बाद में मत बोलना।” मैंने कहा, “नहीं मम्मी, नहीं बोलूँगा।”

मैंने पूछा, “मूंछ भी साफ कर दूँ?”
उन्होंने कहा, “नहीं, मूंछ मत कटवाना, छोटा करवा लेना।”

मैंने कैप ली क्योंकि वापसी में तो टकला होकर आना है। बाइक की चाबी ली और निकल पड़ा।

सिग्नल पर रुका तो दिमाग में फिर आया — टकला होऊँ या नहीं? अगर सिर्फ बाल छोटे करवाने हैं तो राइट लेना था क्योंकि नया सैलून उधर था। अगर टकला होना है तो लेफ्ट क्योंकि पुराना सैलून उधर था।

सिग्नल ग्रीन हुआ…
और मैंने लेफ्ट ले लिया।

मैं पुरानी दुकान पहुँचा। वहाँ एक लड़का पहले से बाल कटवा रहा था, शायद गर्मी की वजह से बहुत छोटे करवा रहा था। फिर मेरा नंबर आया। अंकल मुझे देखकर खुश हो गए क्योंकि बचपन में मैं वहीं जाता था।

उन्होंने लाल कपड़ा बाँधा और पूछा, “कैसे बाल काटने हैं?”
मैंने कहा, “अंकल, गर्मी बहुत है… मुझे टकला कर दो।”

उन्होंने पूछा, “पक्का टकला?”
मैंने कहा, “हाँ अंकल, पूरा टकला।”

उन्होंने स्प्रे से मेरे बाल गीले किए। पानी की बूंदें कपड़े पर गिर रही थीं। मैं शीशे में अपने बालों को आखिरी बार देख रहा था। मन में आया मना कर दूँ, फिर सोचा जाने दो, अब तो टकला होना ही है।

उन्होंने उस्तरे में ब्लेड डाला।
पहले पीछे लेफ्ट साइड से चलाया। मुझे महसूस हुआ कि बाल निकल रहे हैं। पीछे का लेफ्ट हिस्सा पूरा टकला हो गया। हवा उस हिस्से को छू रही थी, ठंडा-ठंडा लग रहा था।

फिर उन्होंने दोबारा पानी डाला क्योंकि हवा से सूख गया था। फिर राइट साइड पीछे के बाल साफ किए और बीच में चोटी के लिए बाल छोड़ दिए। मैंने कहा चोटी ज्यादा बड़ी मत रखना, मीडियम रखना।

फिर आगे के बाल साफ किए। पहले राइट साइड, फिर लेफ्ट। आईने में देखा तो मैं आधा टकला हो चुका था। फिर धीरे-धीरे पूरा सिर टकला हो गया।

उन्होंने नया ब्लेड लगाया और दोबारा पूरा टकला साफ किया। छोटे-छोटे बाल भी निकाल दिए। चोटी को शेप दी। मैंने हाथ बाहर निकालकर पकड़ा और कहा थोड़ा और छोटा करो। उन्होंने छोटा कर दिया।

फिर फिटकरी लगाई। कपड़े से साफ किया। पाउडर लगाया।

मैंने कहा, “अंकल दाढ़ी भी बनानी है।”
उन्होंने कपड़ा बदला, सीट नीचे की, फोम लगाया।

मैंने कहा, “गोatee निकाल दो, सिर्फ पतली मूंछ रहने दो।”
उन्होंने दाढ़ी साफ कर दी, मूंछ ट्रिम कर दी। फिटकरी लगा दी।

मैं नीचे उतरा। मेरे सारे बाल जमीन पर पड़े थे। मेरा सिर पूरा टकला था। हवा चल रही थी और मेरी चोटी हिल रही थी।

फिर मैंने कहा, “अंकल अंडरआर्म के बाल भी साफ कर दो।”
मैंने शर्ट उतारी और उन्होंने वो भी साफ कर दिया।

पैसे दिए। कैप पहनी तो वो मेरे टकला सिर से चिपक गई। बाइक लेकर घर आया।

घर पहुँचा तो सब शॉक हो गए क्योंकि सिर्फ मम्मी को पता था कि मैं टकला होने गया हूँ।

अब मैं पूरा टकला था।

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